UP Budget 2025-26 | 21 & 22 February 2025 by Sanmay Prakash | EP 1349 | UPSC BPSC SSC Railway exam
ना उसको पेश किया है कब 20 फरवरी 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए। वित्तीय वर्ष कब से कब तक होता है? अप्रैल से लेकर नेक्स्ट मार्च तक, इसलिए 2025-26 कहते हैं। यह बजट यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है—8.08 लाख करोड़ रुपए का।
एक आंकड़ा देखते हैं और डिटेल समझते हैं। यह बजट और वित्त वर्ष 2025-26 का टोटल 8.08 लाख करोड़ है। पिछला वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 6.75 लाख करोड़ था। हालांकि, पिछला बजट रिपोर्ट के अनुसार 7.36 लाख करोड़ था, लेकिन संशोधित बजट में यह 6.75 लाख करोड़ हुआ।
पिछले बजट की तुलना में यह 1.33 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। अब समझते हैं कि पैसा कहां से आ रहा है और कितना इनकम का टारगेट रखा गया है। इस बजट में व्यय 8.08 लाख करोड़ है, लेकिन इनकम 7.79 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। लगभग 200 हजार करोड़ रुपए पिछले साल के रेवेन्यू से बचे हुए हैं, जिससे बजट संतुलित
क्या है कैपिटल रिसिप्ट हिंदी में क्या कहेंगे पूंजीगत
प्राप्तियां यह कितना है
1.16 लाख करोड़ रपए 1.16 लाख करोड़ रुपए ठीक
यह और इसमें से देखिए लोन से 1.13
लाख करोड़ रुपए ले रही है सरकार और लोन की
वसूली यानी सरकार ने भी कुछ लोन
बांटे हुए हैं तो 3224 करोड़ रुपए यह होते हंतो यह
कैपिटल
रिसिप्ट का मतलब क्या हुआ कैपिटल रिसिप्ट का
मतलब यह हुआ कि इतना हमने कैपिटल
प्राप्त किया है कैपिटल मनी है यह हमने लोन से लिया
है और लोन की वसूली की है
हमने इतना इस तरीके से यह यहां पर दिखाया जा रहा
ठीक है अब हम हम लोग देखते हैं
कि जो पैसा है या रुपया है वह आएगा कहां-कहां से
ठीक है उसमें जो अगर हम
परसेंटेज में देखेंगे ना तो वह है कर राजस्व यानी वेट
आपकारी आप कहेंगे अभी तो
जीएसटी चल रहा है वेट कहां से वेट अभी भी चल रहा
है आपका जो आपकारी से रिलेटेड जो है ना यानी वहां
पर वेट चल रहा है इसके
अलाही चल रहा है वहां टी नहीं लागू हुआ है ठीक हैतो वेट
से आ गया आपकारी से आ गया नहीं शराब की जो
बिक्री हुई है उससे आ गया
आरटीओ माइनिंग परिवहन बिजली यह 37.4 पर है
यह इनकम है फिर केंद्रीय कर की बात हो रही
है यानी जो स्टेट जीएसटी है मतलब जो जीएसटी
वसूला जाता है उसमें दो तरीके होते
हैं एक होता है केंद्र का हिस्सा आधा और आधा राज्य
का हिस्सा होता है ठीक है तो
जैसे 18 पर किसी चीज पर आप टैक्स देते हैंना तो 9
पर स्टेट के लिए होता है और 9 पर
सेंटर के लिए होता है तो वो इस तरह से 32.4 मिल
गया सार्वजनिक कर्ज प्राप्तियां
और लोन की वसूली मतलब सरकार जो है ना वह
लोन लेरही है अपने खर्चे को चलाने के लिए
ठीक है राष्र्ीय अंतरराष्र्ीय सं संस्थानों सेवो तो यह
केंद्र सरकार की
परमिशन से होता है तो यह 14.4 पर इतना परसेंट जो
है लोन ही लिया जा रहा है
केंद्रीय अनुदान भी मिल रहा है केंद्र सरकार सेक्या है जो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम है उनसे जो
लाभ मिल रहा है उसकी जो इनकम
हो रही है तो वहां से भी जो हैना वो यह 3.1 पर मिल
रहा है जिसे उपक्रम कैसे हो गए
जैसे बिजली के जो यूनिट्स हैं उन सब से डनकम आ
रहा है और भी कई सारे तो वो
राज्यों के वो आ रहे हैं और अन्य आए हैं 1.6 पर यह
जो है ना वोह इनकम का जो आंकड़ा
है वह आपने देखा तो यह तो था इनकम का आंकड़ा
टोटल का टोटल ठीक है अब हम लोग
क्या देखेंे अब हम लोग देखते हैं कि खर्च का आंकड़ा
कि हम लोग खर्च कहां-कहां कैसे-कैसे करने वाले हैं
तो मैंने प्रश्र
में ही बताया था शुरू में ही कि खर्च कितना है करने
का प्लान तो 8.08 लाख करोड
रपए ठीक है अंतर आप समझ लीजिएगा इनकम जो
है ना वह कम रखकर दिखाया गया है क्योंकि
पिछला भी पैसा पेंडिंग पड़ा हुआ है रखा हुआ हैतो
वह यह यूज करेंगे तो लगभग लगभग
चीजें बराबर हो जाएंगे ठीक है तो यह तो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जो है ना वह कितना है 5.83 लाख
करोड है अब यह अ रेवेन्यू
एक्सपेंडिचर को हम कैसे समझेंगे तो देखिए यह
सैलरी पर जो खर्चहो
रहा है ठीक है सरकार के खुद के खचे हैं और भी कई
सारे खर्चेहैं तो वह जो हैना
वह डसमें इसको रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में हम लोग यहां
पर देखेंगे ठीक हैयहां पर
क्या है रेवेन्यू एक्सपेंडिचर में हम लोग इस चीज़ को
देखेंगे ओके अच्छा आप कफ्यूज
मत होना वहां जो रेवेन्यूरिसीप्ट था ना वह टैक्स और
कें से प्राप्त राशि थी लेकिन
यहां रेवेन्यू एक्सपेंडिचर जो है ना वो सैलरी वगैरह
बांटने में सरकार के जो अपने
खर्चे हैं वो सबको पूरा करने में उसमें यह खर्च होंगे
कितने 5.83 लाख करोड़ रुप अब
दूसरा क्या है पूंजीगत खर्च यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर
यह कितना खर्चा होने वाला है
तो 2.25 लाख करोड़ खर्च होने वाला है इससे क्या
होगा तो इससे डेवलपमेंट के कार्य
होंगेतो इसमें खास तौर पर कैपिटल आउटलेज है ना वह न
प मतलब इसी का हिस्सा है यह 65 लाख
करोड़ रुप है और लोन का रीपेमेंट यह 51000 करोड़
रुपए है लोन का ब्याज देरहे हैं और
रीपेमेंट कर रहे हैंतो वह भी यह काम हो रहा है और
कैपिटल आटले का मतलब क्या हुआ कैपिटल
आउटलेज डेवलपमेंट कार है सड़क बननी है पुल
बनने हैं बड़े बड़ी योजनाएं हैं यूनिवर्सिटी
बननी है आगे हम बताउंगा मैं कि क्या-क्या नईं नई
योजनाएं हैं कहां-कहां यह खर्चा
होने वाला है कैपिटल आउटलेज मैं बतांगा आगे
ठीक है तो यह तो
आपको दिख गया समझ में आ गया होगा कि यह खर्च
जो है ना यानी एक्सपेंडिचर जो है वह
क्या है अब अगर हम देखें कि यह खर्चा कहां-कहां
कितने पर से हो रहा हैदेखिए
पूंजीगत खर्च में हम देखेंगे तो उसमें मतलब टोटल जो
बजट बनाया गया है जो खर्चे
का उसमें से इंफ़ास्ट्रकचर पर यानी पूंजीगत खर्च जो है
ना वो 20.4 पर कर दिया
जाएगाकहेंगे हम इसको ठीक है इंफ्रास्ट्रक्चर पर जैसे रोड
बनाए जा रहे हैं जिससे मैंने बताया पुल बनाए जा रहे
हैं यूनिवर्सिटी
बनाई जा रही है मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैंवहां
इक्विपमेंट वगैरह खरीदे जा रहे हैंतो यह सब जो है
ना इफ्रास्ट्रक्चर से
रिलेटेड चीज हो जो लॉन्ग टर्म रहेंगे तो उसके लिए यह
कर्ज और ब्याज का भुगतान किया
जा रहाहैयह 14.3 पर है मतलब आपने देखा होगा
कि हमने काफी लोन लिया उत्तर प्रदेश
सरकार ने तो उसको चुकाना भी है पुराने लोन को तो
वह य चीज है लोन भी बहुत ज्यादा
बढ़ता जारहा हैवो मैं आगे प्रश्रच में बताऊंगा सैलरी पर
खर्चा होगा यानी राज्य सरकार के जो तमाम कर्मचारी
है उनके सैलरी
पर 22 2.2 पर पेंशन पर 11.2 पर सहायता अनुदान
दिया जाएगा लोगों को तो वह 6.4 पर
बहुत सारी योजनाएं ना उसमें सहायता अनुदान दिया
जाता है सब्सिडी दी जाएगी 4.3 पर
सब्सिडी अलग-अलग तरीके से जैसे आपके गैस पर
सब्सिडी हो गई कुछ केंद्र देता है कुछ
राज्य भी ना उसको पेश किया है कब 20 फरवरी 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए। वित्तीय वर्ष कब से कब तक होता है? अप्रैल से लेकर नेक्स्ट मार्च तक, इसलिए 2025-26 कहते हैं। यह बजट यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है—8.08 लाख करोड़ रुपए का।
एक आंकड़ा देखते हैं और डिटेल समझते हैं। यह बजट और वित्त वर्ष 2025-26 का टोटल 8.08 लाख करोड़ है। पिछला वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 6.75 लाख करोड़ था। हालांकि, पिछला बजट रिपोर्ट के अनुसार 7.36 लाख करोड़ था, लेकिन संशोधित बजट में यह 6.75 लाख करोड़ हुआ।
पिछले बजट की तुलना में यह 1.33 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है। अब समझते हैं कि पैसा कहां से आ रहा है और कितना इनकम का टारगेट रखा गया है। इस बजट में व्यय 8.08 लाख करोड़ है, लेकिन इनकम 7.79 लाख करोड़ रुपए होने का अनुमान है। लगभग 200 हजार करोड़ रुपए पिछले साल के रेवेन्यू से बचे हुए हैं, जिससे बजट संतुलित हो जाएगा।
इनकम के स्रोत:
1. राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts) – 6.62 लाख करोड़ रुपए
टैक्स और केंद्र सरकार से मिलने वाला हिस्सा
केंद्र सरकार से सहायता प्राप्ति
2. पूंजीगत प्राप्तियां (Capital Receipts) – 1.16 लाख करोड़ रुपए
लोन से 1.13 लाख करोड़ रुपए
लोन की वसूली से 3,224 करोड़ रुपए
इनकम के स्रोत (प्रतिशत में):
कर राजस्व (GST, वेट, एक्साइज ड्यूटी, पेट्रोलियम, RTO, माइनिंग, परिवहन, बिजली) – 37.4%
केंद्रीय करों में राज्य का हिस्सा – 32.4%
सार्वजनिक कर्ज प्राप्तियां और लोन वसूली – 14.4%
केंद्र सरकार से अनुदान – 11.1%
गैर-कर राजस्व (सरकारी उपक्रमों का लाभ) – 3.1%
अन्य आय – 1.6%
खर्च का विवरण:
कुल खर्च: 8.08 लाख करोड़ रुपए
राजस्व खर्च (Revenue Expenditure) – 5.83 लाख करोड़ रुपए (सैलरी, प्रशासनिक खर्च, अन्य सरकारी खर्च)
पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) – 2.25 लाख करोड़ रुपए (सड़क, पुल, यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स)
कैपिटल आउटलेज (Capital Outlay) – 65 हजार करोड़ रुपए
लोन का रीपेमेंट
और ब्याज – 51 हजार करोड़ रुपए
खर्च का वितरण (प्रतिशत में):
पजीगत खर्च (Infrastructure) – 20.4%
कर्ज और ब्याज भुगतान – 14.3%
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी – 22.2%
पेंशन – 11.2%
सहायता अनुदान – 6.4%
सब्सिडी – 4.3%
यह उत्तर प्रदेश बजट 2025-26 का संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण है। क्या आपको इसमें कोई और सुधार चाहिए?
देते हैं और भी कई तरीके सब्सिडी होती है किया जाएगा पूंजीगत खर्च किया जाएगा ठीक लोगों को लोन वगैरह दिए जाएंगे और कुछ औरखर्च करेंगे
अब इसमें राजस्व खर्च यानी
11.11% गैर कर राजस्व भी हैयहां पर वहवा जो आपका जो पेटोलियम पढार्थ डै जो पेटोल

Comments
Post a Comment